360 डिग्री फीडबैक या मल्टी सोर्स किसी कैंडिडेट के अप्रेजल या परफॉर्मेंस एससेसमेंट का एक ऐसा टूल है, जिसमें उस पर नजर रखने वालों और उसके काम से प्रभावित होने वालों, सभी का फीडबैक लिया जाता है। इसके बारे में विस्तार से बता रही हैं रिका भट्टाचार्य।
360 डिग्री एसेसमेंट में कौन-कौन शामिल होते हैं?

आमतौर पर 360 डिग्री फीडबैक में कैंडिडेट के इमीडिएट मैनेजर, रिव्यूअर, सब-ऑर्डिनेट, बराबर के कम-से-कम दो इम्प्लॉयी और उसका खुद का इवैल्यूएशन शामिल होता है। मौजूदा ट्रेंड में क्लाइंट और वेंडर जैसे एक्सटर्नल सोर्स के फीडबैक को भी शामिल किया जाता है।
अप्रेजल के लिए इस टूल के इस्तेमाल का क्या मकसद है?

अक्सर इसका इस्तेमाल किसी प्रोफेशनल के परफॉर्मेंस और उसकी क्षमता का पता लगाने में किया जाता है, जिससे ऑर्गनाइजेशन को उसके लिए लॉन्ग टर्म कैरियर प्लान बनाने में मदद मिल सके। यह कंपनी को किसी एम्पलॉयी की क्षमता की समग्र तस्वीर दिखाता है, जो उसके पूरी क्षमता से परफॉर्मेंस देने के लिए जरूरी है। यह कर्मचारियों का कैरियर ग्राफ तैयार करने और उसके डेवलपमेंट गोल पर काम करने में मददगार होता है। इस फीडबैक के नतीजे का इस्तेमाल कभीकभार सैलरी और प्रमोशन के मामले में परफॉर्मेंस अप्रेजल में किया जाता है।

किस कैटगरी के एम्पलॉयीज के लिए इस टूल का इस्तेमाल किया जाता है?

आमतौर पर इस टूल का इस्तेमाल मिडिल और सीनियर लेवल के एम्पलॉयी पर किया जाता है। उनके रोल की जटिलता कंपनी को उससे जुड़े सभी लोगों और कंपनियों से समुचित आंकड़े जुटाकर सार्थक असेसमेंट करने में मददगार होती है।

इसका इस्तेमाल कौन सी ऑर्गनाइजेशन करती हैं?

एम्पलॉयी डेवलमेंट पर फोकस वाली ज्यादातर ऑर्गेनाइजेशन स्टाफ के परफॉर्मेंस और उसकी क्षमता के असेसमेंट और फीडबैक के आधार पर उनके कैरियर की राह तैयार करने में मदद देने के लिए 360 डिग्री टूल का इस्तेमाल करती हैं। ऑर्गेनाइजेशन किसी प्रोफेशनल के कैरियर के बारे में कोई फैसला करने से पहले एम्पलॉयी का 360 डिग्री फीडबैक लेती हैं।