बैंकिंग सेक्टर में अगले 5-10 साल में 20 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए बैंकिंग लाइसेंस जारी होने और रिजर्व बैंक और सरकार के ग्रामीण इलाकों में फाइनैंशल सर्विसेज पहुंचाने के प्रयासों से बैंकिंग सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा।

एक और खास बात यह है कि सरकारी बैंकों में करीब 50 फीसदी वर्कफोर्स अगले कुछ साल में रिटायर हो जाएगा। जाहिर है कि ऐसे में इन बैंकों में नई प्रतिभाओं की जरूरत होगी।

एचआर सर्विस कंपनी रैंडस्टैड इंडिया के अनुसार, आगामी दशक में बैंकिंग सेक्टर में 7 से 10 लाख नौकरियां पैदा होंगी। 2014 में यह सबसे ज्यादा नौकरियां मुहैया कराने वाला क्षेत्र होगा। हालांकि, मनिपाल अकैडमी ऑफ बैंकिंग का अनुमान है कि अगले पांच साल में ही बैंकिंग सेक्टर में 18 से 20 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर के विस्तार से डायरेक्ट रोजगार तो पैदा होंगे ही, साथ ही इससे जुड़े क्षेत्रों में भी नई नौकरियों के मौके पैदा होंगे। रैंडस्टैड के मुताबिक, ज्यादातर नौकरियां सरकारी बैंकों में मिलेंगी। इनमें अगले कुछ साल में 5 से 7 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी। सरकारी बैंकों में इस पीरियड में निचले और मिडल लेवल के करीब 50 फीसदी कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे।

रैंडस्टैड इंडिया और श्रीलंका के सीईओ मूर्ति के उप्पालुरी ने बताया, ‘नए बैंकिंग लाइसेंस 2014 की पहली छमाही में जारी किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में भविष्य में बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के काफी मौके पैदा होंगे।’

बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचाने की सरकार के फाइनैंशल इनक्लूजन प्लान से भी नई नौकरियां पैदा होंगी। उप्पालुरी ने कहा, ‘देश की सिर्फ 30 फीसदी आबादी के पास बैंक अकाउंट हैं। ऐसे में बड़े बैंक ऐसे ग्रामीण बाजारों में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं, जिनका अभी पूरी तरह फायदा नहीं उठाया गया है।’

टैलेंट असेसमेंट कंपनी कंपनी मेरिटट्रैक सर्विसेज के सीईओ वासु के सक्सेना ने भी इसी तरह की राय जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘नए शहरों और ग्रामीण स्थानों पर विस्तार की वजह से अगले एकाध साल में बैंकिंग सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी।’ सक्सेना ने कहा कि नए बैंकिंग लाइसेंसों के अलावा इस साल और अगले साल बैंकिंग सेक्टर में रिटायरमेंट की वजह से नौकरियों में इजाफा होगा।

मनिपाल अकैडमी ऑफ बैंकिंग के मुताबिक, पिछले साल सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में नौकरियों के लिए 4 लाख लोगों ने आवेदन किया। सरकारी बैंकों ने इनमें से 60,000 से 70,000 आवेदनकर्ताओं को नौकरियां दीं, वहीं प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने 40,000 नौकरियां दीं।